इडली कढ़ाई- सुकून देने वाली फिल्म की सच्ची कहानी

इडली कढ़ाई- सुकून देने वाली फिल्म की सच्ची कहानी

कभी-कभी एक फिल्म सिर्फ फिल्म नहीं होती, वो दर्पण बन जाती है। धनुष की नई फिल्म “इडली कढ़ाई” ऐसी ही है  सादी, धीमी, पर गहराई से भरी हुई। नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई ये फिल्म अपने साथ एक शब्द लेकर आती है “Poetic Justice” यानी जब ज़िंदगी इंसाफ देती है, लेकिन अपने सलीके से… बिना हिंसा, बिना बदले के।

धमाकों और चीखों के बीच सुकून की आवाज़ आज के दौर में जहां बॉलीवुड “फाइल्स यूनिवर्स” में उलझा हुआ है  The Kashmir Files, The Bengal Files, और ना जाने कितनी “फाइल्स” जो खून और नफरत से पैसा कमा रही हैं वहीं साउथ सिनेमा धीरे से कह रहा है, “हिंसा से ज़्यादा असरदार है इंसानियत।”

इडली कढ़ाई इस बात को बड़ी खूबसूरती से पेश करती है। यह फिल्म साबित करती है कि कहानी अगर दिल से कही जाए, तो उसमें तलवारों की ज़रूरत नहीं होती।

धनुष – सादगी में जो ताकत है धनुष यहां किसी हीरो की तरह नहीं, बल्कि एक आम इंसान की तरह दिखते हैं। उनका चेहरा, उनकी चुप्पी, उनका गुस्सा सब कुछ बहुत “रियल” लगता है। वो बोलते हैं तो लगता है जैसे किसी पड़ोसी की कहानी सुन रहे हों, किसी दोस्त का दर्द देख रहे हों। उनका किरदार सिखाता है कि कभी-कभी साइलेंस ही सबसे बड़ा जवाब होता है।

सिनेमा का असली काम- जोड़ना, तोड़ना नहीं हम एक ऐसे वक्त में जी रहे हैं जहां हर चीज़ को “पॉलिटिक्स” और “प्रोपेगैंडा” के चश्मे से देखा जाता है। पर इडली कढ़ाई जैसी फिल्में हमें याद दिलाती हैं कि सिनेमा का असली काम जोड़ना है दिलों को, सोच को, और इंसानियत को। गांधी जी की अहिंसा की सीख आज शायद किसी किताब में नहीं, बल्कि ऐसी फिल्मों में ज़िंदा है।

पोएटिक जस्टिस- ज़िंदगी का सबसे सुंदर बदला फिल्म खत्म होती है, लेकिन एक एहसास छोड़ जाती है- कि हर बुरे कर्म का हिसाब ज़िंदगी खुद लेती है। न तलवार की ज़रूरत पड़ती है, न खून की। बस वक्त आता है, और सच सामने खड़ा होता है- शांत, सटीक, और संतुलित। यही है असली “Poetic Justice.”

क्यों देखनी चाहिए यह फिल्म- अगर आप उन फिल्मों से थक चुके हैं जो सिर्फ चिल्लाती हैं, तो इडली कढ़ाई आपको सुकून देगी। ये फिल्म आपको हिंसा नहीं, इंसानियत का अर्थ समझाएगी। और शायद, आपको खुद से दोबारा मिलवा देगी। कभी-कभी सबसे बड़ी क्रांति वो होती है, जो बिना किसी आवाज़ के होती है। “इडली कढ़ाई” उसी क्रांति की शुरुआत है।

 

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