महर्षि वाल्मीकि जयंती 2025: श्रद्धा, संस्कृति और समाज का संगम
(7 अक्टूबर को यूपी में रहेगा सार्वजनिक अवकाश, बैंक रहेंगे खुले)
हर साल की तरह इस बार भी 7 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को उत्तर प्रदेश में महर्षि वाल्मीकि जयंती पूरे श्रद्धा, आस्था और सम्मान के साथ मनाई जाएगी। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के उस स्तंभ को याद करने का दिन है, जिन्होंने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना की और करोड़ों लोगों को धर्म, नीति और मर्यादा का मार्ग दिखाया।
कौन थे महर्षि वाल्मीकि? – महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि कहा जाता है यानी पहले कवि। उन्होंने न सिर्फ भगवान राम की जीवन-गाथा को अमर किया, बल्कि मानवता, कर्तव्य और सच्चाई के ऐसे सिद्धांत लिखे जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उनकी जीवन यात्रा भी हमें सिखाती है कि कोई व्यक्ति चाहे किसी भी परिस्थिति में जन्म ले, अगर संकल्प सच्चा हो तो वो समाज का पथ-प्रदर्शक बन सकता है।
यूपी में छुट्टी, लेकिन बैंक रहेंगे खुले- उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रदेश भर के स्कूल, कॉलेज, सभी सरकारी कार्यालय और अन्य संस्थान बंद रहेंगे। यह छुट्टी पूरे राज्य में लागू होगी ताकि लोग इस दिन को श्रद्धा के साथ मना सकें। हालाँकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अवकाश “निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881” के तहत नहीं आता इसका सीधा मतलब है कि: बैंक और वित्तीय संस्थान इस दिन खुले रहेंगे।
जो लोग बैंकिंग से जुड़े कार्यों को निपटाना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छी खबर है।
श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता- इस दिन यूपी के कई हिस्सों में: वाल्मीकि मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी। शोभा यात्राएँ और झाँकियाँ निकाली जाएँगी। भंडारे और सामूहिक प्रार्थनाएँ आयोजित की जाएँगी। स्कूलों और समुदायों में वाल्मीकि जी के जीवन पर भाषण, नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। ये सब सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं होते बल्कि एक सांस्कृतिक पुनःस्मरण होते हैं, जहाँ हम अपने मूल्यों, परंपराओं और सामाजिक समरसता को फिर से जीते हैं।
एक अवसर, आत्ममंथन का आज जब समाज में असमानता, भेदभाव और दूरियाँ बढ़ रही हैं ऐसे में वाल्मीकि जी का जीवन एक प्रेरणा है। उन्होंने समाज के निचले पायदान से उठकर दुनिया को सबसे महान ग्रंथ दिया, और यह संदेश दिया कि “मनुष्य की पहचान जन्म से नहीं, कर्म से होती है।”
आइए, इस दिन को केवल “छुट्टी” समझकर न बिताएँ महर्षि वाल्मीकि जयंती हमें समर्पण, आत्मज्ञान और सामाजिक समानता की याद दिलाती है। इस दिन को एक “सकारात्मक परिवर्तन” के अवसर की तरह देखें। बच्चों को वाल्मीकि जी के जीवन की कहानियाँ सुनाएँ। युवाओं को बताएं कि साहित्य और संस्कृति भी बदलाव ला सकते हैं। और सबसे ज़रूरी समाज के हर तबके को साथ लेकर चलने का संकल्प लें।
7 अक्टूबर 2025 को उत्तर प्रदेश में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सरकारी छुट्टी रहेगी। सरकारी दफ्तर, स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे, लेकिन बैंकिंग सेवाएँ चालू रहेंगी। इस दिन को केवल धार्मिक नहीं, सामाजिक जागरूकता और संस्कृति के सम्मान के तौर पर मनाना चाहिए। क्योंकि जब हम अपने इतिहास को याद करते हैं तभी हम अपने भविष्य को बेहतर बना पाते हैं।