केजरीवाल का सीएम हाउस अब बनेगा स्टेट गेस्ट हाउस: एक युग का अंत, एक नई शुरुआत
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2024 – दिल्ली की राजनीति और आम आदमी आंदोलन का एक मजबूत प्रतीक माना जाने वाला 6, फ्लैग रोड, अब एक नया मोड़ लेने जा रहा है। यह वही बंगला है जहां वर्षों तक दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने परिवार के साथ रहते आए, और जहां से कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। अब यह बंगला जल्द ही स्टेट गेस्ट हाउस में तब्दील होने जा रहा है।
राजनीतिक घर नहीं, अब पब्लिक स्पेस- सरकारी सूत्रों की मानें, तो इस कदम का उद्देश्य है इस ऐतिहासिक जगह को एक जनोपयोगी स्थान में बदलना ऐसा स्थान जहां मंत्री, अधिकारी, और राज्य के मेहमान आकर ठहर सकें। गेस्ट
हाउस में कैफेटेरिया, पार्किंग स्पेस, वेटिंग एरिया, मीटिंग रूम जैसी सुविधाएं होंगी। किसी होटल जैसी सुविधा, लेकिन सरकारी सादगी के साथ।
अब यह बंगला निजी आवास नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक उपयोग की संपत्ति बन जाएगा, जिसका लाभ कई लोग ले सकेंगे और वह भी किराया चुकाकर, ठीक बाकी सरकारी गेस्ट हाउस की तरह।
विवादित रेनोवेशन: ₹45 करोड़ की बहस- इस बंगले को लेकर लंबे समय से बहस जारी रही है। विपक्ष ने केजरीवाल सरकार पर ₹45 करोड़ के भारी-भरकम रेनोवेशन का आरोप लगाया था। यह सवाल भी उठे कि “आम आदमी” की सरकार क्या अब “शाही अंदाज़” में चल रही है?
हालांकि, आम आदमी पार्टी का कहना रहा कि ये खर्च ज़रूरी रिनोवेशन के लिए थे और पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत की गई थी। लेकिन अब, जब वही बंगला एक गेस्ट हाउस में बदलेगा, तो सवाल यह भी उठता है क्या यह बदलाव जवाब है उन आलोचनाओं का? या वक्त की एक सधी हुई चाल?
एक तस्वीर, हजार कहानियाँ – 4 अक्टूबर 2024 की सुबह एक भावुक पल सामने आया अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता, और उनके माता-पिता को सीएम हाउस से बाहर निकलते देखा गया। कोई शोर नहीं, कोई दिखावा नहीं सिर्फ एक परिवार, जो एक अध्याय को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा था। उस पल ने बहुत कुछ कह दिया। एक आंदोलनकारी से मुख्यमंत्री तक का सफर, और अब एक नई पहचान की ओर बढ़ता एक घर और शायद एक इंसान।
प्रतीकात्मक बदलाव या रणनीतिक निर्णय? कुछ लोग कह रहे हैं कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय है, लेकिन दिल्ली की जनता इस बदलाव को राजनीति और भावनाओं के आईने में देख रही है। क्या यह आम आदमी पार्टी के पुराने आदर्शों की वापसी है? या आलोचनाओं का मैनेजमेंट? एक स्थानीय निवासी ने बताया “हमने केजरीवाल जी को शुरू से देखा है, सड़क पर लड़ते हुए, फिर मुख्यमंत्री बनते हुए। इस घर से बहुत कुछ जुड़ा है। अब जब ये जगह आम लोगों के लिए खुलेगी, तो कुछ नया लगेगा लेकिन थोड़ा खालीपन भी रहेगा।”
एक युग का अंत, नई राह की शुरुआत 6, फ्लैग रोड अब सरकार के लिए एक सेवा केंद्र बन जाएगा शायद ज़्यादा व्यावहारिक, ज़्यादा उपयोगी। लेकिन इसमें बसने वाली यादें, बहसें और भावनाएं वे इस शहर की हवा में हमेशा तैरती रहेंगी। राजनीति में ठिकाने बदलते रहते हैं, लेकिन कुछ जगहें सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं होतीं वे इतिहास होती हैं। केजरीवाल का यह बंगला अब भले ही एक गेस्ट हाउस हो, लेकिन यहां की दीवारों ने जो इतिहास देखा है, वह कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

