31 की उम्र में भारत के सबसे युवा अरबपति:

31 की उम्र में भारत के सबसे युवा अरबपति: Aravind Srinivas की प्रेरणादायक कहानी

“अगर सपना सच्चा है, तो रास्ता खुद बन जाता है।”

चेन्नई के एक सामान्य से घर में जन्मे Aravind Srinivas ने जो सपना देखा था, वह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि आज के करोड़ों भारतीय युवाओं के लिए एक नई उम्मीद बन चुका है।

बचपन और शुरुआती दिन- Aravind एक मध्यमवर्गीय तमिल परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता ने शिक्षा को सबसे बड़ा धन माना और Aravind को भी यही सिखाया गया। उन्हें शुरू से ही पढ़ाई में गहरी रुचि थी, खासकर विज्ञान और गणित में। जब उनके दोस्तों को क्रिकेट और वीडियो गेम्स भाते थे, तब Aravind विज्ञान की किताबों और कंप्यूटर के कोड में खोए रहते थे। IIT मद्रास में चयन होने पर उनके माता-पिता की आंखों में जो आंसू आए थे – वे संघर्ष से नहीं, संतोष से थे।

तकनीकी दुनिया में प्रवेश- IIT से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद, उन्होंने कंप्यूटर साइंस में रिसर्च के लिए UC Berkeley का रुख किया। वहीं से उनका ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर गया। Berkeley के दौरान ही उन्होंने OpenAI, DeepMind और Google जैसी कंपनियों में इंटर्नशिप और रिसर्च किया – जहाँ से उन्हें समझ आया कि भविष्य का असली गेमचेंजर टेक्नोलॉजी ही है, खासकर “AI for Everyone” यानी हर इंसान के लिए एआई।

Perplexity AI: एक सवाल से शुरुआत, अरबों तक की उड़ान Perplexity AI की शुरुआत एक साधारण सवाल से हुई – “क्या इंटरनेट सर्च और बेहतर हो सकता है?” जहाँ Google आपको हजारों लिंक्स देता है, वहीं Aravind की सोच थी कि एक ऐसा AI बने जो सटीक, भरोसेमंद और बातचीत की तरह जवाब दे। Perplexity ने यह कर दिखाया। आज यह स्टार्टअप लाखों लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है और अरबों की वैल्यूएशन तक पहुँच गया है।

2025: Aravind Srinivas बनें भारत के सबसे युवा अरबपति ₹21,190 करोड़ की व्यक्तिगत संपत्ति और मात्र 31 वर्ष की आयु – यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं है, यह उस विश्वास का प्रमाण है कि तकनीक, मेहनत और नीयत अगर सही हो तो नामुमकिन कुछ भी नहीं। उन्हें Hurun India Rich List 2025 में सबसे युवा अरबपति घोषित किया गया है। वह Zepto के संस्थापकों (22 और 23 वर्ष) के बाद तीसरे सबसे युवा लेकिन संपत्ति के मामले में सबसे ऊपर हैं।

क्या खास बनाता है Aravind को?- विनम्रता: इतनी बड़ी सफलता के बाद भी Aravind अपने ट्विटर पर सबसे पहले अपने माता-पिता और टीम को धन्यवाद देते हैं।  उनका कहना है “AI को सिर्फ अमीरों का टूल नहीं, सभी का अधिकार बनाना है। ” उन्होंने कभी तेजी से पैसे कमाने को प्राथमिकता नहीं दी। उनका पहला उद्देश्य हमेशा समाज को बेहतर टेक्नोलॉजी देना रहा।

युवाओं के लिए संदेश – “अगर आपके पास एक स्पष्ट उद्देश्य है, और आप हर दिन उसके लिए मेहनत करते हैं – तो समय, उम्र, और संसाधन कभी बाधा नहीं बनते।”

आज के दौर में जहाँ सोशल मीडिया पर दिखावे और तात्कालिक सफलता को महत्व दिया जा रहा है, वहाँ Aravind जैसे युवा असली प्रेरणा हैं – जो दिखाते हैं कि सच्ची सफलता अंदर से आती है।

Aravind Srinivas की कहानी एक टेक्नोलॉजिस्ट की नहीं, बल्कि एक सपने देखने वाले इंसान की है जिसने समाज के लिए कुछ नया और बेहतर बनाने की ठानी। वो कहते हैं न – “जो खुद की सीमाओं को नहीं मानता, वही दुनिया की सीमाओं को लांघता है।

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