अब फेस और फिंगरप्रिंट से होगा UPI पेमेंट पिन डालना भी जरूरी नहीं पड़ेगा!
7 अक्टूबर 2025 को एक बड़ा बदलाव हुआ है, जो भारत में डिजिटल पेमेंट की दुनिया को और भी आसान और सुरक्षित बना देगा। अब आप UPI पेमेंट सिर्फ अपना चेहरा दिखाकर या फिंगरप्रिंट लगाकर भी कर सकेंगे। यानी न पिन याद रखने का झंझट, न बार-बार टाइप करने का टेंशन।
क्या है नया फीचर?- UPI को ऑपरेट करने वाली एजेंसी NPCI (National Payments Corporation of India) ने बायोमेट्रिक पेमेंट सिस्टम को मंजूरी दी है, जिसे केंद्र सरकार ने अब हरी झंडी दे दी है। इसका मतलब: अब UPI ट्रांजैक्शन के लिए फेस ऑथेंटिकेशन (Face Recognition) और फिंगरप्रिंट स्कैन का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
UPI PIN डालना अब ज़रूरी नहीं, बल्कि ऑप्शनल होगा। यह फीचर सबसे पहले डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के तहत आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन से जोड़ा जाएगा।
क्या बदलेगा हमारे लिए?– सोचो, आप सब्ज़ी वाले को पेमेंट कर रहे हो अभी तक आपको QR कोड स्कैन करना पड़ता था, फिर अमाउंट डालना, फिर 4 या 6 डिजिट का पिन डालना। अब बस QR कोड स्कैन करो और अपने फिंगरप्रिंट से या चेहरा स्कैन करवाकर पेमेंट कर दो। सेकंड्स में पेमेंट!
सीनियर सिटीजन, जिनको पिन डालने में दिक्कत होती है उनके लिए ये फीचर वरदान साबित होगा। अनपढ़ या टेक्नोलॉजी से दूर लोग अब उन्हें सिर्फ बायोमेट्रिक से पेमेंट करनी है, और कुछ नहीं। सिक्योरिटी भी अब ज्यादा मजबूत होगी, क्योंकि फिंगरप्रिंट या फेस पहचान को चुराना पिन से कहीं मुश्किल है।
कैसे करेगा काम?- NPCI की मानें तो यह फीचर भारत के पहले से मौजूद बायोमेट्रिक सिस्टम से जुड़ा रहेगा, खासकर: आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन ऑफलाइन बॉयोमेट्रिक डिवाइसेस जैसे कि फिंगरप्रिंट स्कैनर या मोबाइल का फेस अनलॉक सिस्टम इसके लिए मोबाइल ऐप्स (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM) धीरे-धीरे इस सपोर्ट को रोलआउट करेंगे।
कब से मिलेगा ये फीचर?– इसका यूजर मैन्युअल और एक्जैक्ट लॉन्च डेट अभी NPCI द्वारा घोषित नहीं की गई है। लेकिन उन्होंने कहा है कि जल्द ही इसकी सारी जानकारी जारी कर दी जाएगी, जिससे यूजर्स को समझ आ सके कि इस फीचर को कैसे एक्टिवेट करना है।”
क्या पिन का सिस्टम खत्म हो जाएगा?
नहीं। पिन डालने का सिस्टम रहेगा, लेकिन वो अब “ज़रूरी” नहीं होगा। मतलब, अगर आप चाहें तो पिन से पेमेंट करें लेकिन अगर आपने बायोमेट्रिक फीचर ऑन कर रखा है, तो पिन की जरूरत नहीं होगी।
आपको क्या करना होगा?
1. जैसे ही फीचर रोलआउट होता है, अपने UPI ऐप को अपडेट करें।
2. अपने बायोमेट्रिक को आधार या डिवाइस के जरिए ऐप से लिंक करें।
3. एक बार सेटअप के बाद, पेमेंट के टाइम आपका फेस या फिंगरप्रिंट ही आपकी पहचान बन जाएगा।
निजता (Privacy) का क्या होगा? बहुत लोगों का सवाल होगा कि भाई, हमारा फिंगरप्रिंट या फेस डेटा कहीं गलत हाथों में तो नहीं जाएगा? NPCI ने साफ कहा है कि आपका बायोमेट्रिक डेटा लोकल डिवाइस पर ही प्रोसेस होगा, और
डेटा को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रखा जाएगा, किसी भी थर्ड पार्टी को डेटा शेयर नहीं किया जाएगा।
भारत तेज़ी से डिजिटल भविष्य की ओर बढ़ रहा है। UPI ने पहले ही कैशलेस इंडिया का सपना सच्चा किया, और अब फेस और फिंगरप्रिंट से पेमेंट ने गेम को अगले लेवल पर पहुंचा दिया है। आसान, तेज़ और सिक्योर पेमेंट अब सिर्फ एक नज़र या एक टच की दूरी पर।

